Adhyatmik Ashram Foundation | Spiritual Healing, Astrology, Vastu, Tantra & Energy Guidance

Call Us

+91 9835268631

Call Us

+91 9431684960

Email Address

adhyatmpath02@gmail.com

Opening Time (Mon - Sun)

Morning : 9 AM - 1 PM

Evening : 6 PM - 9 PM

Friday Off.

पीढ़ी परंपरा

त्रिकालदर्शी ब्रह्मलीन पं० बालकृष्ण ठाकुर दैवज्ञ

साधक
ज्योतिष, तंत्र, योग एवं अध्यात्म के गहन ज्ञान और अभ्यास का मार्गदर्शन प्रदान कर आध्यात्मिक चेतना का अलख जगाने वाले आचार्य सद्गुरु त्रिकालदर्शी ब्रह्मलीन पं० बालकृष्ण ठाकुर दैवज्ञ की दिव्य परिकल्पना का साकार स्वरूप है आध्यात्मिक आश्रम फाउण्डेशन

सद्गुरु के जीवन का मुख्य उद्देश्य मानव समाज में आध्यात्मिक जागरण, नैतिक मूल्यों की स्थापना तथा सनातन ज्ञान परंपरा का संरक्षण एवं संवर्धन था।

उनके मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से आज भी आश्रम धर्म, अध्यात्म, योग, तंत्र, मंत्र एवं ज्योतिष विद्या के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों में समर्पित है।

ब्रह्मलीन पं० बालकृष्ण ठाकुर दैवज्ञ केवल ज्योतिषाचार्य ही नहीं, बल्कि तंत्र, मंत्र, योग एवं अध्यात्म के सिद्ध साधक थे। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण साधना, स्वाध्याय और लोककल्याण के लिए समर्पित रहा। उनकी आध्यात्मिक दृष्टि एवं दिव्य मार्गदर्शन से असंख्य लोगों को जीवन की कठिनाइयों से उबरने तथा आत्मिक शांति प्राप्त करने का अवसर मिला।

सद्गुरु का मानना था कि धर्म और अध्यात्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन को सत्य, करुणा, सेवा और आत्मविकास की दिशा में अग्रसर करने का माध्यम हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने आध्यात्मिक आश्रम की स्थापना कर समाज में सकारात्मक चेतना, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक संस्कारों का प्रसार किया।

उनके सानिध्य में आने वाले श्रद्धालुओं, साधकों और जिज्ञासुओं को ज्योतिष, योग, तंत्र एवं आध्यात्मिक साधना का सम्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने सनातन ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अध्ययन, मनन और साधना को जीवन का आधार बनाया तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त आध्यात्मिक विरासत स्थापित की।

आज आध्यात्मिक आश्रम फाउण्डेशन उनके आदर्शों, सिद्धांतों और दिव्य संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए धर्म, अध्यात्म, योग, तंत्र, मंत्र एवं ज्योतिष विद्या के माध्यम से मानवता के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। यह संस्था उनकी आध्यात्मिक दृष्टि और लोककल्याणकारी चिंतन का जीवंत स्वरूप है।

ब्रह्मलीन पं० गुंजन ठाकुर ‘बाबा’

साधक एवं उत्तराधिकारी
सद्गुरु के सुपुत्र एवं अनन्य शिष्य ब्रह्मलीन पं० गुंजन ठाकुर ‘बाबा’ ने आध्यात्मिक परंपरा, ज्योतिष, तंत्र साधना एवं लोककल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने जीवन को गुरुसेवा, समाजसेवा एवं आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित कर दिया।

हस्तरेखा विज्ञान, तंत्र साधना एवं ग्रहशांति से संबंधित विविध अनुष्ठानों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने अनेक श्रद्धालुओं एवं जिज्ञासुओं का मार्गदर्शन किया। उनके सरल, विनम्र एवं सेवाभावी व्यक्तित्व ने उन्हें जनमानस के बीच विशेष सम्मान दिलाया।

पं० गुंजन ठाकुर ‘बाबा’ सदैव अपने पूज्य सद्गुरु के साथ छाया की भाँति रहे और उनके निर्देशानुसार लोकसेवा एवं समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न रहे। उन्होंने सद्गुरु के आध्यात्मिक मिशन को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सद्गुरु के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उन्होंने आश्रम की परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को निरंतर संचालित रखा। उनकी निष्ठा, समर्पण एवं साधना ने आध्यात्मिक आश्रम की गौरवशाली विरासत को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने जीवनकाल में उन्होंने अनेक श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर प्रेरित किया तथा धर्म, अध्यात्म और संस्कारों के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत रहे। उनके जीवन का प्रत्येक कार्य गुरु परंपरा के प्रति समर्पण एवं लोककल्याण की भावना से प्रेरित था।

आज भी उनकी स्मृतियाँ, उनके आदर्श एवं उनकी सेवाएँ आध्यात्मिक आश्रम फाउण्डेशन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी साधना, सेवा और समर्पण की विरासत आने वाली पीढ़ियों को धर्म एवं अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।

पं० प्रशस्त ठाकुर

साधक एवं वर्तमान संरक्षक
सद्गुरु के उत्तराधिकारी और एक मात्र पौत्र एवं पं० गुंजन ठाकुर ‘बाबा’ के सुपुत्र पं० प्रशस्त ठाकुर ने बाल्यावस्था से ही तंत्र, मंत्र एवं ज्योतिष विद्या की साधना आरम्भ की। गुरु परंपरा के संस्कारों से प्रेरित होकर उन्होंने धर्म, अध्यात्म एवं साधना को अपने जीवन का आधार बनाया।

उन्होंने सद्गुरु की परंपरा के अनुरूप तंत्र, मंत्र, ज्योतिष एवं आध्यात्मिक साधना के विविध आयामों का अध्ययन एवं अभ्यास किया। बाल्यकाल से ही आध्यात्मिक वातावरण में रहकर उन्होंने साधना, सेवा एवं अनुशासन के महत्व को आत्मसात किया।

योग विशेषज्ञ पं० हृदय नारायण झा के सानिध्य में रहकर उन्होंने योग साधना के गूढ़ रहस्यों का अध्ययन किया तथा आध्यात्मिक आश्रम की परंपराओं, विधियों एवं आध्यात्मिक ज्ञान को निकटता से समझा। इस मार्गदर्शन ने उनके व्यक्तित्व एवं साधना जीवन को नई दिशा प्रदान की।

गुरु परंपरा से प्राप्त ज्ञान, साधना एवं संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वे निरंतर धर्म, अध्यात्म, योग, तंत्र, मंत्र एवं ज्योतिष विद्या के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।

उनके नेतृत्व में आध्यात्मिक आश्रम फाउण्डेशन निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है। वे श्रद्धालुओं, साधकों एवं जिज्ञासुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए गुरु परंपरा की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

वर्तमान में पं० प्रशस्त ठाकुर आश्रम की विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं लोककल्याणकारी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। उनका संकल्प है कि धर्म, अध्यात्म, योग, तंत्र, मंत्र एवं ज्योतिष विद्या का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचे और गुरु परंपरा का प्रकाश आने वाली पीढ़ियों को निरंतर आलोकित करता रहे।

Adhyatmik Ashram Foundation | Spiritual Healing, Astrology, Vastu, Tantra & Energy Guidance Adhyatmik Ashram Foundation | Spiritual Healing, Astrology, Vastu, Tantra & Energy Guidance
Call Us
WhatsApp
Email
Facebook
Instagram
YouTube